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कविता - तिरंगा

  तिरंगा


दुनिया  के हर  झंड़े में
यह झंडा एक निराला है
हरे,धवल केसरिया रंग में
चक्र सुदर्शन  रखवाला है
                 शांति क्रांति हरियाली का
                 सबको यह पाठ पढ़ाता है
                 अनेकता  में  एकता  से
                 रहना हमको  सिखाता है
ना रूकता, ना झुकता है
शान से  ये  फहराता है
राष्ट्र सेनानियो के तन पर
सजकर गर्वित  हो जाता है
               जन मन का अभिमान तिरंगा
               हर  मस्तक की ये शान  है
               भारत- भू  की शान तिरंगा
               हर  दिल  में  लहराता  है
राष्ट्रध्वज हिन्दुस्तां का है
हम सबका इसे सलाम है
अजर अमर वरदान देश का
वीरों का अभिमान इसे है.


रमेश यादव
मुंबई  ,  फोन – 9820759088
Email- rameshyadav0910@yahoo.com 
                  


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